
मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। नियम मंडलों में नियुक्ति के बाद अब सरकार में खाली पड़े मंत्री पदों को भरने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस दिशा में सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने अपने सहयोगियों के साथियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट की समीक्षा बैठक भी की है। इस बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार कुछ मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा कर रही है। जिन मंत्रियों का कामकाज संतोषजनक नहीं रहा या जो विवादों में घिरे रहे हैं, उन्हें हटाया जा सकता है। वहीं, नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं और इसमें पांच नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
हालांकि सरकार या संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा संगठन में हुए हालिया बदलावों के बाद अब सरकार में भी फेरबदल होना तय है। मुख्यमंत्री ने अपने सहयोगियों से विभागों के कामकाज की समीक्षा रिपोर्ट मांगी है और इसी आधार पर यह तय होगा कि किस मंत्री को हटाया जाए और किसे नियुक्त किया जाए।
यह स्थिति न केवल मंत्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण है बल्कि संगठन के लिए भी अहम है। सवाल यह है कि क्या मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका दिया जाएगा या फिर मौजूदा कैबिनेट को यथावत रखा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में सरकार की कार्यप्रणाली और संगठनात्मक मजबूती के लिए यह फेरबदल महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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