
बीना/सागर। जिले के बीना में रेलवे प्रशासन और भाजपा से जुड़े पार्षद के बीच विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। नानक वार्ड के पार्षद बीडी रजक ने रेलवे अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पर प्रताड़ना, मारपीट और झूठे मामले में फंसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद का कहना है कि रेलवे क्षेत्र में कथित अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की शिकायत करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और आरपीएफ हिरासत में उनके साथ बदसलूकी की गई।
शिकायतों के बाद बढ़ा विवाद
पार्षद बीडी रजक ने प्रेसवार्ता में बताया कि उन्होंने रेलवे सड़क खुदाई और बाउंड्री वॉल निर्माण में कथित अनियमितताओं की शिकायत ट्विटर, व्हाट्सएप और CPGRAMS के माध्यम से रेलवे मंत्रालय, DRM भोपाल और अन्य अधिकारियों से की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों से नाराज होकर रेलवे के सहायक मंडल अभियंता मयंक जैन और RPF थाना प्रभारी कमल सिंह मीणा ने उन पर शिकायतें बंद करने का दबाव बनाया।
पार्षद के अनुसार 9 मई 2026 की रात वे एक लापता बच्चे की तलाश में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मौजूद थे, तभी RPF कर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, दो हजार रुपए छीने गए और कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए। साथ ही झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
जीआरपी से निष्पक्ष जांच की मांग
पार्षद ने पूरे मामले की शिकायत जीआरपी थाना बीना में दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस मामले की जानकारी भाजपा जिला और प्रदेश संगठन को भी दी है। वहीं दूसरी ओर RPF प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। आरपीएफ थाना प्रभारी कमल सिंह मीणा ने कहा कि पार्षद द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। फिलहाल जीआरपी पूरे मामले की जांच कर रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट – मनीष चौबे
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- Politics heats up in Bina BJP councilor makes serious allegations against RPF and railway officials







