समाजसेवी रमापति गौतम ने मैहर सिविल अस्पताल में स्थाई सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की नियुक्ति की मांग उठाई है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वर्षों से अस्पताल प्रभारी व्यवस्था के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थाई सिविल सर्जन नहीं होने के कारण अस्पताल में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर बना हुआ है और कई चिकित्सक जिम्मेदारी से कार्य नहीं कर रहे हैं। रमापति गौतम ने कहा कि अस्पताल में यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है कि कौन डॉक्टर किस बीमारी के विशेषज्ञ हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कुछ डॉक्टरों की नियमित अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में बना दो मंजिला ट्रामा सेंटर पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहा है। एक्सीडेंटल मामलों के लिए तैयार किए गए इस सेंटर में स्थाई सर्जन की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही। आरोप है कि पुरानी ओपीडी पर ताला लगा रहता है और व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। समाजसेवी ने यह भी कहा कि मैहर जिला बनने के बाद भी यहां अब तक स्थाई CMHO और CS की नियुक्ति नहीं हुई है। साथ ही बदेरा और नादन क्षेत्र में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) खोलने की आवश्यकता बताई गई है। वर्तमान में केवल अमदरा में ही PHC संचालित है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और शासन से जल्द कार्रवाई कर मैहर जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट – देवेश शर्मा
यह भी पढ़े: छतरपुर में MKC कंपनी के सुपरवाइजर का अपहरण, 10 लाख फिरौती के बाद जंगल से बरामद
- Demand for appointment of permanent civil surgeon and CMHO in Maihar Civil Hospital intensifies








