
रीवा: जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्थाओं को गांव की चौपाल तक पहुंचाकर सीधे जवाबदेही तय करने में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री के “समस्याओं का मौके पर समाधान” अभियान के तहत मंगलवार को कलेक्टर 42 जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नॉन एसी बस में सवार होकर गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव पहुंचे।
ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने सीमांकन में देरी, आंगनवाड़ी केंद्रों की अनियमितता, सड़क की खराब स्थिति और नल-जल योजना की समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायतें सुनते ही कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
सीमांकन प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं आंगनवाड़ी केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं होने की शिकायत पर सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और सीडीपीओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
नल-जल योजना के खराब संचालन पर पीएचई उपयंत्री और ग्राम रोजगार सहायक को भी नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर ने सरपंच और जनपद सीईओ को योजना तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा रास्ता विवाद और सड़क चौड़ीकरण की समस्या उठाए जाने पर भी त्वरित निराकरण के आदेश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। चौपाल में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि अब टिकुरी गांव की शिकायतें जनसुनवाई तक नहीं पहुंचनी चाहिए। यदि इसके बाद भी समस्याएं लंबित पाई गईं तो संबंधित अधिकारियों पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
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