
होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच एक तेल टैंकर पर हुए हमले की कहानी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। यह घटना तेल टैंकर Honor 25 से जुड़ी है, जिस पर समुद्री लुटेरों ने हमला कर चालक दल को बंधक बना लिया। जहाज के कप्तान अशारी समादिकॉन को अपनी जान बचाने के लिए बंदूकधारियों के सामने कहना पड़ा –“ मुझे गोली मत मारो, मैं मुसलमान हूं।”
होर्मुज पार करते ही हुआ हमला
रिपोर्ट के अनुसार, 2 अप्रैल को कप्तान अशारी यूएई से तेल लेकर रवाना हुए थे। जहाज सुरक्षित बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था, लेकिन रास्ता बेहद संवेदनशील था। जैसे ही जहाज होर्मुज क्षेत्र से आगे बढ़ा, अचानक हमलावरों ने घेर लिया। जहाज पर गोलियां और गोले दागे गए। अफरातफरी के बीच हथियारबंद लोग जहाज पर चढ़ आए। जब बंदूक कप्तान की ओर तानी गई, तो उन्होंने घबराकर कहा – “मुझे मत मारो, मैं मुसलमान हूं।” कुछ पल के लिए हमलावर रुके और फिर पूरे चालक दल को एक जगह इकट्ठा कर लिया। सभी के फोन छीन लिए गए और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो गया।
परिवार को देर से पता चली सच्चाई
इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर कप्तान का परिवार शुरू में खतरे से अनजान था। कप्तान फोन पर बच्चों को दिलासा देते रहे कि सब ठीक है। लेकिन बाद में एक वॉइस मैसेज आया-“समुद्री लुटेरे जहाज को घेर रहे हैं…”। इसके बाद संपर्क टूट गया। जहाज पर कुल 17 चालक दल सदस्य थे, जिनमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार और इंडोनेशिया के लोग शामिल थे। समुद्री लुटेरे जहाज को सोमालिया के तट की ओर ले गए। वहां जहाज एक तरह की तैरती जेल बन गया, जहां चालक दल हर दिन डर और अनिश्चितता में जी रहा है। एक समय सोमालिया का तट दुनिया में समुद्री डकैती का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता था। 2011 के आसपास दर्जनों जहाजों का अपहरण किया जाता था। बाद में अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं की सख्त कार्रवाई से हालात काबू में आए, लेकिन अब लाल सागर में हूती हमलों, पश्चिम एशिया युद्ध और समुद्री सुरक्षा पर बढ़ते दबाव ने समुद्री लुटेरों को फिर सक्रिय होने का मौका दे दिया है।
जहाज पर कोई सुरक्षा नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक जहाज पर न तो हथियारबंद सुरक्षा गार्ड थे और न ही विशेष सुरक्षा इंतजाम। बाद में जहाज मालिकों ने भी माना कि उन्हें इतने बड़े खतरे की आशंका नहीं थी। कुछ समय बाद कप्तान को परिवार से सीमित बातचीत की अनुमति मिली। उन्होंने बताया कि समुद्री लुटेरे फिरौती के लिए अंग्रेजी बोलने वाले व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद परिवार को और संपर्क करने से मना कर दिया गया, क्योंकि हर कॉल जान का खतरा बन सकती थी।
सोमालिया के तट पर नया खतरा
जहाज अब सिर्फ एक तेल टैंकर नहीं था। वह बंधकों का एक तैरता हुआ जेल बन चुका था। 17 चालक दल के सदस्य, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका और म्यांमार से आए लोग सब एक ही हाल में थे। जहाज को सोमालिया के तट की ओर मोड़ दिया गया। वहीं, जहां समुद्री डकैती कभी खत्म हो चुकी मानी जाती थी, अब फिर से पुराने दिन लौट रहे थे। कलाश्निकोव और RPG से लैस समूहों ने एक-एक कर कई जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।
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