
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: जिले के जमबुपानी गांव में आजादी के दशकों बाद भी ग्रामीण सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। गांव तक पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। गर्मी में धूल और मिट्टी से लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है, जबकि बारिश में सड़क कीचड़ में बदलकर गायब हो जाती है। हालात ऐसे हैं कि एंबुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती।
आंदोलन की चेतावनी
सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जल्द काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज बदहाल रास्तों से गुजरना पड़ता है, वहीं मरीजों को खटिया पर डालकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
आजादी के बाद से गांव की सड़क नहीं बन पाई
ग्रामीण सुभाष ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से अब तक गांव की सड़क नहीं बन पाई। करीब तीन महीने पहले विधायक अर्चना चिटनिस द्वारा सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया गया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर चला गया। इसके बाद से ग्रामीण लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं
ग्रामीण कांति लाल डाबर ने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। बरसात में गांव का संपर्क लगभग कट जाता है और मरीजों को अस्पताल पहुंचाना जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं, जिला पंचायत सीईओ सृजन सिंह वर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से चर्चा कर जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
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