
जावरा/रतलाम: शिक्षा के क्षेत्र में लगभग चार दशक तक समर्पित सेवाएं देने वाली शिक्षिका रुकैय्या सुल्ताना ने 39 वर्षों की गौरवशाली शासकीय सेवा पूर्ण करने के बाद शासकीय कस्तूरबा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टीटी नगर, भोपाल से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्ति ग्रहण की। उनके सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में विभागीय अधिकारियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने भावभीनी विदाई दी।
समारोह के दौरान रुकैय्या सुल्ताना को तिलक लगाकर, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और विभिन्न उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके लंबे सेवाकाल, अनुशासित कार्यशैली और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनीस खान ने अपने संबोधन में कहा कि एक शिक्षक का जीवन केवल नौकरी तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। उन्होंने कहा कि रुकैय्या सुल्ताना द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए संस्कार, शिक्षा और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने उनके सफल सेवाकाल को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य शालिनी श्रीवास्तव ने स्वागत एवं अभिनंदन भाषण में कहा कि रुकैय्या सुल्ताना का पूरा सेवाकाल समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों का उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की लगन सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उनके द्वारा दिए गए ज्ञान और संस्कार छात्राओं को जीवनभर सही दिशा प्रदान करेंगे।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षक परिवार, छात्राएं, शिक्षा विभाग के कर्मचारी तथा अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए रुकैय्या सुल्ताना के व्यक्तित्व और कार्यों की प्रशंसा की। कई वक्ताओं ने कहा कि उनकी सहजता, सरलता और निष्पक्ष कार्यशैली ने उन्हें सहकर्मियों और विद्यार्थियों के बीच विशेष पहचान दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान भावुक माहौल भी देखने को मिला, जब छात्राओं और सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए गए अनुभवों को साझा किया। उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। समारोह के अंत में शोहराब एहमद ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। विदाई समारोह सम्मान, स्नेह और भावनाओं से परिपूर्ण रहा, जिसने रुकैय्या सुल्ताना के 39 वर्षों के उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान को यादगार बना दिया।
ये भी पढ़े – जावरा के प्रतीक धारीवाल बने टाटा कंज्यूमर के महाप्रबंधक, अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट कार्य के लिए हुए सम्मानित
- teacher-rukaiyya-sultana-retirement-farewell-after-39-years-service-jaora-ratlam








