
सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: राहतगढ़ नगर इन दिनों धर्म, आस्था और अध्यात्म के रंग में सराबोर है। यहां 25 मई से 3 जून 2026 तक आयोजित भव्य श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा जैन समाज और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि राहतगढ़ में इस प्रकार के धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों का निरंतर होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भाव, नैतिकता, शांति और सकारात्मक सोच का वातावरण निर्मित होता है। जैन समाज द्वारा आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों ने राहतगढ़ को एक विशेष आध्यात्मिक पहचान दिलाई है और आज यह नगर आस्था एवं अध्यात्म के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मंत्री राजपूत ने क्षेत्र के गौरव आचार्य धीरज जी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने ज्ञान, तप और विचारों से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी धर्म की पताका फहराई है। उनका योगदान पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का विषय है।
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जैन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि जैन दर्शन अहिंसा, सत्य, करुणा, अपरिग्रह और आत्मकल्याण का संदेश देता है। तीर्थंकरों और जैनाचार्यों की शिक्षाएं मानवता को संयम, सदाचार और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व अनेक चुनौतियों और अशांति का सामना कर रहा है, तब जैन धर्म के सिद्धांत और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व शांति महायज्ञ और सिद्धचक्र महामंडल विधान जैसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों के प्रसार का प्रभावी माध्यम हैं। जैन परंपरा में सिद्धचक्र महामंडल विधान को अत्यंत पुण्यदायी और महत्वपूर्ण माना जाता है, जो आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित करता है। मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक होता है। इससे समाज में आपसी एकता, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। वहीं बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय व्यापार, रोजगार और सेवा गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
आयोजन स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु पूजन, मंडल विधान की धार्मिक क्रियाओं तथा ज्ञानवर्धक प्रवचनों का लाभ ले रहे हैं। पूरा राहतगढ़ नगर भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक जयघोषों से गुंजायमान है। आयोजन समिति द्वारा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास, पेयजल और सुरक्षा सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों, समाजसेवियों और सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र के नैतिक और आध्यात्मिक विकास को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
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