
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह को संबोधित किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी। परीक्षा परिणामों में बेटियों के शानदार प्रदर्शन और मेरिट सूची में उनके दबदबे को रेखांकित करते हुए सीएम योगी ने चुटीले और प्रेरणादायक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि इस परीक्षा परिणाम ने समाज को एक बेहद स्पष्ट और सशक्त संदेश दिया है कि जब बेटी पढ़ेगी, तभी वह खुद आगे बढ़ेगी और अपने साथ-साथ देश व समाज को भी प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाएगी।
छात्राएं घर के काम के साथ ला रही हैं बेहतरीन अंक, छात्र कम से कम उनका अनुसरण करें
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिणामों में छात्राओं की इस ऐतिहासिक सफलता पर हल्की-फुल्की और गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए कहा कि पहले हम लोग यह मानते थे कि छात्राएं घर में अपनी माता के काम में हाथ बंटाती हैं और अन्य घरेलू कार्यों में सहयोग करती हैं। लेकिन अब परिणाम देखकर लगता है कि समाज में भारी परिवर्तन आ गया है; ऐसा प्रतीत होने लगा है कि अब छात्र (लड़के) ही घरों में झाड़ू-पोछा ज्यादा लगाने लग गए हैं।
उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा कि ऐसा भी लगता है कि मां-बाप अब बेटों से ही ज्यादा काम ले रहे हैं. उन्हें सब्जी लेने के लिए बाजार भेजते होंगे या हो सकता है कि लड़के घर और मोहल्ले में भी कुछ झाड़ू लगा रहे हों; शायद इसीलिए इस बार छात्रों के अंक इतने कम आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत सुखद लक्षण है कि छात्राएं घर और परिवार की जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते हुए भी कड़ी मेहनत कर रही हैं और मेरिट में ऊंचा स्थान हासिल कर रही हैं। उन्होंने छात्रों को नसीहत देते हुए कहा कि यह लड़कों के लिए एक बड़ी प्रेरणा होनी चाहिए कि वे कम से कम बेटियों के इस जज्बे और मेहनत का अनुसरण करें ताकि वे भी बेहतर परिणाम ला सकें।
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