तीसरी बार डेनमार्क की प्रधानमंत्री बनीं मेटे फ्रेडरिक्सन, पीएम मोदी बोले- साथ मिलकर लिखेंगे सहयोग की नई इबारत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री सुश्री मेटे फ्रेडरिक्सन को लगातार तीसरी बार देश की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और डेनमार्क के बीच संबंध आपसी विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित हैं तथा दोनों देशों की साझेदारी लगातार नई मजबूती प्राप्त कर रही है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में मेटे फ्रेडरिक्सन को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपनी मित्र बताया और उनके नेतृत्व में डेनमार्क की निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत और डेनमार्क के बीच एक मजबूत और अटूट साझेदारी मौजूद है, जो समान मूल्यों और हरित एवं सतत भविष्य के साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में भारत-डेनमार्क हरित रणनीतिक साझेदारी का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ मिलकर इस सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा, सतत विकास, नवाचार और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और डेनमार्क के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के नागरिकों के हित में है और भविष्य में यह साझेदारी और अधिक व्यापक तथा प्रभावी रूप में विकसित होगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक चुनौतियों के बीच समान सोच रखने वाले देशों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।

भारत और डेनमार्क के बीच पिछले कुछ वर्षों में हरित प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने हरित रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई साझा पहलें शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के ताजा संदेश को दोनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों और भविष्य में सहयोग के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

ये भी पढ़े – नेपाल के सत्ताधारी दल के नेता रबी लामिछाने की दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात, बालेंद्र शाह की कूटनीतिक कार्यशैली पर उठे सवाल

  • pm-modi-congratulates-mette-frederiksen-on-third-term-as-denmark-prime-minister
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    बीजिंग-प्योंगयांग की खतरनाक जुगलबंदी! प्योंगयांग पहुंचे जिनपिंग, किम जोंग उन बोले- ‘चीन से रिश्ता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’

    प्योंगयांग/बीजिंग: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव व राष्ट्रपति शी…

    आगे पढ़ें
    9 तटीय प्रांतों में अलर्ट! फिलीपींस में समुद्री भूकंप ने मचाई भारी तबाही, तटीय इलाके खाली कराने के निर्देश; फिलीपींस आपदा पर पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

    मनीला/नई दिल्ली: फिलीपींस का दक्षिणी हिस्सा सोमवार को आए…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा उम्मीदवार; अब क्रॉस-वोटिंग पर टिकी नजरें

    मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा उम्मीदवार; अब क्रॉस-वोटिंग पर टिकी नजरें

    2027 और 2029 की राजनीति पर नजर, INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता; महाबैठक में 23 दलों के 27 दिग्गज जुटे

    2027 और 2029 की राजनीति पर नजर, INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता; महाबैठक में 23 दलों के 27 दिग्गज जुटे

    MP RAJYASABHA चुनाव: 8 जून को मध्यप्रदेश में थमेगा नामांकन, तीसरी सीट पर सस्पेंस से बढ़ा सियासी पारा; जानें क्या है नंबर गेम और समीकरण

    MP RAJYASABHA चुनाव: 8 जून को मध्यप्रदेश में थमेगा नामांकन, तीसरी सीट पर सस्पेंस से बढ़ा सियासी पारा; जानें क्या है नंबर गेम और समीकरण

    घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये और हुआ महंगा; पेट्रोलियम मंत्रालय बोला- ‘पूरी दुनिया में भारत में सबसे सस्ती गैस’

    घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये और हुआ महंगा; पेट्रोलियम मंत्रालय बोला- ‘पूरी दुनिया में भारत में सबसे सस्ती गैस’

    सीबीएसई के अजीब फरमान पर दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, पूछा- कक्षा 9वीं के छात्र 6ठी की किताबों से क्यों पढ़ेंगे

    सीबीएसई के अजीब फरमान पर दिग्विजय सिंह का बड़ा हमला, पूछा- कक्षा 9वीं के छात्र 6ठी की किताबों से क्यों पढ़ेंगे