
कोलकाता के चर्चित RG कर मेडिकल कॉलेज रेप मर्डर केस में करीब दो साल बाद जांच ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। पश्चिम बंगाल के पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को डॉक्टर की कथित जल्दबाजी में कराई गई अंत्येष्टि के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उन्हें ओडिशा से पकड़ा और शुक्रवार को जब उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, तभी खड़दह थाने के बाहर गुस्साई भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। भीड़ ने घोष को थप्पड़ मारे और लात घूंसों से पीटा।
ओडिशा से हुई गिरफ्तारी, पुराने मामले में फिर हलचल
निर्मल घोष पनिहाटी से पूर्व TMC विधायक रह चुके हैं और उत्तर 24 परगना इलाके में पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। पुलिस ने उन्हें RG कर अस्पताल की ट्रेनी डॉक्टर की मौत के बाद शव का कथित रूप से जल्द अंतिम संस्कार कराने में भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, घोष पर सबूत नष्ट करने, आपराधिक साजिश और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर करने जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। यह गिरफ्तारी पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज कराई गई नई शिकायत के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है।
पिता की शिकायत के बाद खुली जांच की नई परत
पीड़िता के पिता ने खड़दह थाने में नई शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के शव का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया। शिकायत में निर्मल घोष के अलावा TMC के पूर्व पनिहाटी नगरपालिका चेयरमैन सोमनाथ डे और परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी के नाम भी सामने आए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी प्रभाव या दबाव के जरिए परिवार की इच्छा के विपरीत जल्दबाजी की गई। मामले की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस प्रक्रिया का किसी संभावित सबूत पर असर पड़ा या नहीं।
थाने के बाहर अचानक भड़की भीड़
शुक्रवार को जब पुलिस निर्मल घोष को खड़दह पुलिस स्टेशन से जेल वैन की ओर ले जा रही थी, उसी दौरान वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने घोष को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, लोगों ने उन पर जूते, अंडे और गंदगी तक फेंकी। सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से निकालकर वाहन तक पहुंचाया।
यह घटना बताती है कि RG कर मामले को लेकर लोगों में गुस्सा अभी भी कितना गहरा है। डॉक्टर की मौत के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामले की जांच को लेकर कई सवाल उठे थे।
एक और आरोपी भी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने केवल निर्मल घोष पर कार्रवाई नहीं की है। उनके साथ नामजद संजीव मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कोलकाता के चिनार पार्क इलाके के एक घर से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को बैरकपुर की जिला अदालत में पेश किया जाना है, जहां पुलिस पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांग सकती है।
वहीं, शिकायत में नामजद तीसरे व्यक्ति और TMC पार्षद सोमनाथ डे की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
दो साल बाद फिर उठा ‘जल्द अंतिम संस्कार’ का सवाल
RG कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त 2024 को पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ अब पीड़िता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या शव का अंतिम संस्कार असामान्य जल्दबाजी में कराया गया था और क्या इसके पीछे किसी तरह का दबाव या साजिश थी। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से भी इस पहलू की अलग से जांच के निर्देश दिए जाने के बाद कार्रवाई तेज हुई है।
अब निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीड़िता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में वास्तव में क्या हुआ था और इसमें किस-किस की भूमिका थी? आने वाले दिनों में आरोपियों से पूछताछ और अदालत की कार्यवाही से इस मामले की कई नई परतें खुलने की उम्मीद है।
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