
लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट पर घूमने का अनुभव अब पहले से ज्यादा खास होने वाला है। शहर के इस चर्चित पर्यटन स्थल को और आकर्षक बनाने के लिए यहां 700 मीटर लंबी नेचर ट्रेल, मियावाकी फॉरेस्ट और दो टूरिस्ट क्रूज विकसित किए जा रहे हैं। इन नई सुविधाओं के जरिए गोमती रिवरफ्रंट को सिर्फ टहलने और शाम बिताने की जगह नहीं, बल्कि नेचर और रिवर टूरिज्म के नए केंद्र के तौर पर विकसित करने की तैयारी है।
700 मीटर की नेचर ट्रेल में प्रकृति के बीच सैर
गोमती रिवरफ्रंट पर प्रस्तावित 700 मीटर लंबी नेचर ट्रेल लोगों को शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के करीब समय बिताने का मौका देगी। इस ट्रेल को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले लोग हरियाली के बीच पैदल घूम सकें और नदी किनारे के प्राकृतिक वातावरण का आनंद उठा सकें।
नेचर ट्रेल के साथ मियावाकी फॉरेस्ट भी विकसित किया जा रहा है। मियावाकी तकनीक से कम जगह में घने पेड़-पौधे तैयार किए जाते हैं। ऐसे में यह क्षेत्र हरियाली बढ़ाने के साथ रिवरफ्रंट की खूबसूरती को भी नया रूप दे सकता है।
अब गोमती नदी में क्रूज का भी रोमांच
गोमती रिवरफ्रंट की सबसे बड़ी नई आकर्षणों में टूरिस्ट क्रूज शामिल है। योजना के तहत दो क्रूज विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटक नदी के बीच से लखनऊ के रिवरफ्रंट और आसपास के नजारे देख सकेंगे।
इससे गोमती नदी को शहर के पर्यटन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले भी गोमती में क्रूज सेवा शुरू करने की योजना सामने आ चुकी है। प्रस्तावित क्रूज में एक यात्रा में करीब 200 यात्रियों को ले जाने की क्षमता बताई गई थी। करीब 30 से 45 मिनट की यात्रा में हनुमान सेतु से गोमती बैराज तक का हिस्सा शामिल करने की योजना थी।
क्रूज में सिर्फ सफर नहीं, मनोरंजन भी
प्रस्तावित क्रूज को केवल नदी में घूमने तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें यात्रियों के लिए कई तरह की सुविधाएं विकसित करने की योजना है। जानकारी के मुताबिक क्रूज में अलग-अलग डेक, कॉन्फ्रेंस हॉल, वीआईपी लाउंज, डिजिटल डिस्प्ले और बैंक्वेट जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
ऊपरी हिस्से में ओपन-एयर रेस्टोरेंट और बच्चों के लिए प्ले जोन जैसी सुविधाओं की भी योजना बताई गई है। यानी परिवार के साथ घूमने वालों से लेकर छोटे कार्यक्रम आयोजित करने वाले लोगों तक के लिए यह नया विकल्प बन सकता है।
रिवरफ्रंट को मिलेगा नया टूरिज्म मॉडल
गोमती रिवरफ्रंट पहले से ही लखनऊ के प्रमुख घूमने-फिरने वाले स्थानों में शामिल है। यहां नदी किनारे वॉकवे, साइकिल ट्रैक, हरियाली, बैठने की जगह और रोशनी जैसी सुविधाएं लोगों को आकर्षित करती हैं। अब नेचर ट्रेल और क्रूज जैसी सुविधाएं जुड़ने से यहां पर्यटकों के रुकने और ज्यादा समय बिताने की संभावना बढ़ सकती है।
शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह नया अनुभव होगा। एक तरफ लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतें और नवाबी विरासत हैं, तो दूसरी ओर गोमती रिवरफ्रंट को आधुनिक नेचर और रिवर टूरिज्म के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
शाम की सैर से लेकर क्रूज राइड तक, बढ़ेंगे विकल्प
गोमती रिवरफ्रंट पर लोग अभी मुख्य रूप से सुबह-शाम टहलने, नदी का नजारा देखने और परिवार के साथ समय बिताने पहुंचते हैं। नए प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद यहां घूमने के विकल्प बढ़ जाएंगे। नेचर ट्रेल पर सैर, मियावाकी फॉरेस्ट की हरियाली और नदी में क्रूज राइड एक ही जगह पर पर्यटकों को अलग-अलग अनुभव दे सकते हैं।
ऐसे में आने वाले समय में गोमती रिवरफ्रंट लखनऊ के उन स्थानों में शामिल हो सकता है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी खास तौर पर समय बिताना पसंद करें। शहर के पर्यटन को नया अनुभव देने के साथ यह परियोजना गोमती नदी को लखनऊ की टूरिज्म पहचान से और मजबूती से जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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