
छतरपुर/अमित अवस्थी। टोरिया मोहल्ला में पुलिस, पत्रकारों और हिंदू संगठनों पर कथित पथराव की घटना के बाद अब मुख्य आरोपी के मकान को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस मकान में मुख्य आरोपी निवास करता है, वह शासकीय भूमि पर निर्मित है और उसके स्वामित्व से जुड़े वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आसपास के अधिकांश मकानों के पास भूमि संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं, जबकि संबंधित मकान की वैधता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी सरकारी विभाग या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
भूमि संबंधी विवाद को देखते हुए क्षेत्र के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित निर्माण शासकीय भूमि पर अवैध रूप से किया गया है, तो राजस्व और प्रशासनिक विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई दस्तावेजों की जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
लोगों के बीच चर्चा का विषय बना मामला
पथराव की घटना के बाद यह मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भूमि स्वामित्व और अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
नोट: संबंधित मकान के शासकीय भूमि पर होने का दावा फिलहाल स्थानीय लोगों के आरोपों पर आधारित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि या खंडन प्रशासनिक जांच के बाद ही संभव होगा।
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- Toria Mohalla dispute New questions arise regarding the accused house demand for investigation intensifies









