
रतलाम/उज्जैन: कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल ने रबी सीजन 2025-26 की समीक्षा और आगामी खरीफ फसल की तैयारियों को लेकर आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर किसानों को बेहतर गुणवत्ता की फसल और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए।
उज्जैन स्थित सिंहस्थ मेला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, किसान कल्याण विभाग के सचिव निशांत बरबड़े, उज्जैन आयुक्त आशीष सिंह, उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर लगातार कार्य किया जा रहा है। किसानों को आधुनिक तकनीक, नवाचार, बीज उत्पादन और कृषि आधारित उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पूसा अरहर जैसी उच्च उत्पादन वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिलेवार ऐसी फसलों की पहचान की जाए जिनकी बाजार में अधिक मांग है। साथ ही उनके उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की समुचित व्यवस्था भी विकसित की जाए। बैठक में आलू, संतरा, प्याज, धनिया, अश्वगंधा, शतावरी, ड्रैगन फ्रूट, खीरा, तरबूज और चिया सीड्स जैसी नकदी फसलों के विस्तार पर भी चर्चा हुई। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए जिले में फूलों की खेती का रकबा बढ़ाकर लगभग 250 हेक्टेयर करने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को प्रोत्साहित कर फूल उत्पादन बढ़ाया जाएगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने सभी जिलों में कोल्ड स्टोरेज और राइपनिंग (राइजिंग) चैंबर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक राइपनिंग चैंबर होना चाहिए, ताकि फलों को वैज्ञानिक तरीके से पकाया जा सके और लोगों को रसायन मुक्त फल उपलब्ध हों। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को अधिक से अधिक सहकारी समितियों से जोड़ने, पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराने और समय पर खाद-बीज वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा ने कहा कि पैक्स समितियों के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में किसान कल्याण विभाग के सचिव निशांत बरबड़े ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में यूरिया और एनपीके उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-विकास पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किसानों को खाद वितरण की व्यवस्था लगातार जारी है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद वितरण केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से किसानों को फसलवार उर्वरक उपयोग और उपलब्धता की जानकारी नियमित रूप से दी जाए।
बैठक में फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की शिकायतों के त्वरित निराकरण, अवैध खाद-बीज बिक्री पर रोक तथा नकली कीटनाशकों और घटिया बीजों के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी जिले में किसानों की शिकायतें लंबित न रहें और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उद्यानिकी विभाग के आयुक्त अरविंद दुबे ने सुझाव दिया कि गिरदावरी के दौरान उद्यानिकी फसलों का अलग से रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि वास्तविक उत्पादन और रकबे के आंकड़े उपलब्ध हो सकें। इसके लिए सभी जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें प्रसंस्करण, विपणन और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ना है, जिससे कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।
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- Government Pushes Cooperative Expansion and Agricultural Entrepreneurship Among Farmers ratlam









