
आगरा: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर चौतरफा राजनीतिक हमला बोलते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है, जिसके चलते उसे वर्ष 2047 तक सत्ता से बाहर बैठना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासनिक अमले को कड़े लहजे में चेतावनी दी कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विपक्ष की बैठकों पर तंज: जनहित नहीं, अस्तित्व बचाने की कवायद
रविवार को आगरा दौरे पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों के गठबंधनों और लगातार हो रही बैठकों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ये तमाम गतिविधियां जनहित या देश के विकास के लिए नहीं, बल्कि केवल और केवल अपने डूबते राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए हो रही हैं। मौर्य ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी विकास, सुशासन और अंत्योदय के एजेंडे पर लगातार आगे बढ़ती रहेगी, जबकि जनता से कटे हुए विपक्षी दलों को आने वाले कई दशकों तक सत्ता का मुंह देखने को नहीं मिलेगा।
सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक: सुशासन और अंत्योदय पर जोर
आगरा स्थित सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और डबल इंजन सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। बैठक के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू होनी चाहिए ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर उनका हक मिल सके।
योजनाओं में देरी पर नपेंगे अधिकारी, तय होगी जवाबदेही
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को हर कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने और फाइलों को अटकाने के बजाय नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। मौर्य ने चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं के समाधान में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
अमृत सरोवर, पीएमजीएसवाई और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता
समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को लेकर निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए:
- अमृत सरोवर योजना: विकसित किए गए जलाशयों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि ये स्थल स्थानीय नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें।
- सड़क निर्माण (PMGSY): प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चल रहे सभी नए निर्माण और मरम्मत कार्यों को मानसून की शुरुआत से पहले हर हाल में पूरा किया जाए।
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए जागरूकता अभियान तेज किए जाएं और उन्हें सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जाए।
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