
राजकोट (गुजरात)। गुजरात के राजकोट में आयोजित बागेश्वर सरकार की दो दिवसीय हनुमान कथा और एक दिवसीय श्री बालाजी महाराज के दिव्य दरबार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने कथा और दिव्य दरबार में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
दिव्य दरबार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की अर्जियां लगाई गईं, जिनके संबंध में बागेश्वर सरकार ने बालाजी महाराज की कृपा से पर्चा के माध्यम से मार्गदर्शन और समाधान बताए। कथा और दरबार के दौरान श्रद्धालुओं में गहरी श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला।
हनुमान आरती में दिखा अनोखा दृश्य
कार्यक्रम के समापन अवसर पर हनुमान जी की आरती के दौरान एक भावुक और अनोखा दृश्य देखने को मिला। बागेश्वर सरकार ने उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी मिलकर “हनुमान दादा की डिजिटल आरती” करेंगे। आह्वान होते ही कथा स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च एक साथ जला दी। कुछ ही क्षणों में पूरा मैदान रोशनी से जगमगा उठा और वातावरण भक्ति के रंग में रंग गया।
जय श्री राम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंजा परिसर
मोबाइल टॉर्च की रोशनी के बीच श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ आरती में शामिल हुए। चारों ओर “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारे गूंजने लगे। भक्तों का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही थी। दूर-दूर तक फैली रोशनी और सामूहिक आरती का दृश्य उपस्थित लोगों के लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया। कई श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन के सबसे विशेष आध्यात्मिक क्षणों में से एक बताया।
आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में संपन्न हुई यह सामूहिक आरती आस्था और आधुनिक तकनीक के अनूठे मेल का प्रतीक बन गई। पूरे मैदान में फैली दूधिया रोशनी ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया मानो पूरा परिसर दिव्य प्रकाश से आलोकित हो गया हो। श्रद्धालुओं के अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक भक्ति और एकता का भी अद्भुत उदाहरण था।
राजकोट में आयोजित बागेश्वर सरकार के दिव्य दरबार का यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाला है। लाखों मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुई सामूहिक आरती ने भक्ति, आस्था और आधुनिक युग की तकनीक को एक साथ जोड़ते हुए एक अनूठी मिसाल पेश की।
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