
अंतरराष्ट्रीय डेस्क। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई ताजा वार्ता के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वार्ता के सकारात्मक संकेतों से निवेशकों को उम्मीद जगी है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम हो सकता है और तेल आपूर्ति पर मंडरा रहे खतरे घट सकते हैं। इसी उम्मीद के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि बातचीत में प्रगति के संकेत मिलने से बाजार में मौजूद “जियो-पॉलिटिकल प्रीमियम” कम हुआ है। पिछले कई सप्ताह से निवेशक इस आशंका में थे कि क्षेत्रीय तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। लेकिन अब हालात में सुधार की संभावना ने बाजार की धारणा बदल दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, वार्ता के दौरान तेल निर्यात और समुद्री व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि ऊर्जा क्षेत्र में कुछ राहत मिलने की संभावना बन रही है, जिससे वैश्विक आपूर्ति बढ़ सकती है।
तेल कीमतों में गिरावट का असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहा। वैश्विक शेयर बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जबकि महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत सफल रहती है तो आने वाले महीनों में तेल बाजार और अधिक स्थिर हो सकता है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ अभी भी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि वार्ता में प्रगति के बावजूद क्षेत्रीय हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और किसी भी नए घटनाक्रम का असर तेल कीमतों पर तुरंत पड़ सकता है।








