“सत्कार और स्वार्थ की राजनीति!” – कैलाश विजयवर्गीय के बयान से सियासी भूचाल, संघ पर टिप्पणी से अपनों को ही घेरा?

मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी बेबाकी के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भीतर भी एक नई बहस छेड़ दी है। विजयवर्गीय ने सीधे तौर पर कहा है कि आज संघ में ‘अच्छे लोगों की कमी’ होती जा रही है, और लोग विचारधारा से नहीं बल्कि अपने निजी स्वार्थ और काम निकलवाने के लिए संघ का चोला ओढ़ रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

इंदौर/भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी ही वैचारिक पृष्ठभूमि, यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। एक सार्वजनिक मंच से बोलते हुए विजयवर्गीय ने संगठन के भीतर आ रहे बदलावों और स्वार्थी तत्वों के प्रवेश पर गहरी चिंता व्यक्त की।

“अब हर कोई कहता है- मैंने संघ की चड्डी पहनी है”

कैलाश विजयवर्गीय ने बेहद तीखे लहजे में कहा कि आज के समय में हर बड़ा अधिकारी और रसूखदार बिजनेसमैन खुद को संघ से जुड़ा हुआ दिखाने की होड़ में लगा है। उन्होंने कहा:

“आज हर ऑफिसर और बड़ा बिजनेसमैन कहता है कि मैंने आरएसएस की चड्डी पहनी है। अधिकारी ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें सरकार में अच्छी और मलाईदार पोस्टिंग चाहिए। वहीं, बड़े उद्योगपति और बिजनेसमैन संघ से इसलिए जुड़ रहे हैं ताकि वे सत्ता के करीब रहकर अपना काम आसानी से करवा सकें।”

अच्छे लोगों की कमी पर जताई चिंता

मंत्री विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके, उन्होंने संगठन के वर्तमान परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में ‘अच्छे और समर्पित लोगों की कमी’ महसूस होने लगी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो संगठन कभी निस्वार्थ राष्ट्रसेवा और कड़े अनुशासन के लिए जाना जाता था, आज वहां कुछ लोग केवल सत्ता का सुख भोगने और अपने निजी हितों को साधने के लिए जुड़ रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक की सियासत गरमा गई है। विपक्ष को जहां बैठे-बिठाए सरकार और संघ पर निशाना साधने का मौका मिल गया है, वहीं भाजपा और संघ के भीतर इस बयान को लेकर असहजता की स्थिति पैदा हो गई है।

विपक्ष का रुख: कांग्रेस ने इस बयान को लपकते हुए कहा है कि विजयवर्गीय ने वही सच बयां किया है जो विपक्ष लंबे समय से कह रहा था—कि संघ अब राष्ट्रनिर्माण का नहीं, बल्कि सत्ता और ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल का केंद्र बन चुका है।

संगठन के भीतर सुगबुगाहट: संघ के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं में भी इस बयान को लेकर अंदरूनी चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे एक कड़वी सच्चाई मान रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि ऐसे आंतरिक विषयों को सार्वजनिक मंच पर नहीं उठाया जाना चाहिए था।

ब्रांडवाणी समाचार के लिए यह रिपोर्ट दर्शाती है कि सत्ता में लंबे समय तक रहने के बाद वैचारिक संगठनों में किस प्रकार के बदलाव आते हैं। कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान भले ही विवादित लगे, लेकिन यह सत्ता के इर्द-गिर्द मंडराने वाले ‘अवसरवादियों’ पर एक सीधा और तीखा प्रहार है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद संघ और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया आती है।

  • Shruti Soni

    ब्रांडवाणी समाचार

    अनुभवी पत्रकार। हर दिन ताज़ा और सटीक खबरों के साथ आपकी सेवा में। निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहराई से तथ्य प्रस्तुत करना मेरी पहचान है।

    Related Posts

    देवी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, पाल-गड़रिया समाज को मिलेगा बोर्ड

    भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    देवी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, पाल-गड़रिया समाज को मिलेगा बोर्ड

    देवी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, पाल-गड़रिया समाज को मिलेगा बोर्ड

    Yuva Sansad 2026: यूथ पार्लियामेंट में CM मोहन यादव का विजन, युवा बनें रोजगारदाता

    Yuva Sansad 2026: यूथ पार्लियामेंट में CM मोहन यादव का विजन, युवा बनें रोजगारदाता

    मध्य प्रदेश में ₹1,200 करोड़ निवेश की तैयारी, अरविंद ग्रुप लगाएगा नई इकाइयां

    मध्य प्रदेश में ₹1,200 करोड़ निवेश की तैयारी, अरविंद ग्रुप लगाएगा नई इकाइयां

    भोपाल में वाटर बोट से निकलेगी तिरंगा यात्रा, तैयारियों का मंत्री ने लिया जायजा

    भोपाल में वाटर बोट से निकलेगी तिरंगा यात्रा, तैयारियों का मंत्री ने लिया जायजा

    MP के किसानों को खेती की जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा 4 गुना मुआवजा

    MP के किसानों को खेती की जमीन अधिग्रहण पर मिलेगा 4 गुना मुआवजा