
रीवा/ अरविन्द तिवारी : मानसून की शुरुआत से पहले रीवा जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में नदी-नालों से अतिक्रमण हटाने के साथ ही जर्जर भवनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति
हर वर्ष बारिश के मौसम में बीहर और बिछिया नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है। नदी-नालों के किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं, जिससे वर्षा का पानी आसानी से निकल सके और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
शहर के जर्जर एवं खतरनाक भवनों का सर्वे शुरू
इसके अलावा नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने शहर के जर्जर एवं खतरनाक भवनों का सर्वे शुरू कर दिया है। ऐसे भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें खाली कराने या हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
आपदा प्रबंधन की टीम अलर्ट मोड पर
नगर निगम, राजस्व विभाग, पुलिस, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
नागरिकों से अपील
नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जर्जर भवनों के आसपास जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति या खतरे की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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