
रतलाम: जिले में मानसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रतलाम पुलिस एवं जिला प्रशासन ने बस संचालकों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में बारिश के मौसम में सुरक्षित बस संचालन, यातायात नियमों के पालन और सुरक्षा मानकों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश कुमार पंद्रो, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) आनंद स्वरूप सोनी, अपर कलेक्टर बृजेन्द्र कुमार रावत, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) जगदीश बिल्लौरे, यातायात थाना प्रभारी राजशेखर वर्मा, यातायात सूबेदार अनोखीलाल परमार सहित जिले के विभिन्न बस संचालक एवं उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बारिश में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु में सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है। विशेष रूप से जिन रपटों या पुलों पर पानी का तेज बहाव हो, वहां किसी भी स्थिति में बस नहीं चलाई जाए। अधिकारियों ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
रात्रिकालीन संचालन के लिए विशेष निर्देश
बैठक में रात्रि के समय बस संचालन के दौरान डिपर लाइट एवं पार्किंग लाइट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई।
सभी दस्तावेज वैध होना अनिवार्य
पुलिस और परिवहन विभाग ने बस संचालकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बस का बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस अद्यतन एवं वैध होना चाहिए। बिना वैध दस्तावेजों के बस संचालन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित कार्रवाई की जाएगी।
क्षमता से अधिक सवारी और छत पर यात्रा पर रोक
अधिकारियों ने बस संचालकों को चेतावनी दी कि निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना या बस की छत पर किसी भी व्यक्ति को यात्रा कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सभी संचालकों को यातायात एवं सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।
बसों में सुरक्षा उपकरण रखना होगा अनिवार्य
बैठक में प्रत्येक बस में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि बस का इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit) पूरी तरह कार्यशील रहे और उसके सामने किसी प्रकार की सीट या अन्य अवरोध न हो, ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि बस संचालकों की जिम्मेदारी केवल यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सभी संचालकों से अपील की गई कि वे यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें। रतलाम पुलिस और जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान सभी बस संचालकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा सुरक्षित परिवहन व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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