
सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: महिला एवं बाल विकास विभाग की मालथौन परियोजना की समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। परियोजना कार्यालय मालथौन में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों की प्रगति, हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ, विभागीय रिकॉर्ड और अन्य कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई केंद्रों का प्रदर्शन असंतोषजनक मिलने पर संबंधित कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में पाया गया कि सीपुरखास, कुआखेड़ा, कुंवरपुरा, कुलुआखास, सीपुरखुर्द, खिरिया शंकर, चुरारी डबडेरा-01, दुगाहाखुर्द, दुगाहाकलां एवं सेमरा लोधी आंगनवाड़ी केंद्रों में विभागीय कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने संबंधित कार्यकर्ताओं का 15 दिवस का मानदेय काटने के निर्देश दिए। इसके अलावा हरदौट, झड़िया, कुरमन, ललोई, मांदरी, नेगुवा, खिरियाकलां-02, चौका, चंद्रपुर, पलेथनी एवं खिरिया शंकर केंद्रों में कार्य अधूरे पाए गए। इन केंद्रों का कार्य पूर्ण होने तक संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय तैयार नहीं करने के निर्देश भी जारी किए गए।
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समीक्षा बैठक में खिरियाकलां-01, कुंवरपुरा, किशनगढ़, बम्हौरीलाल, ढावरी-01, चुरारी डबडेरा-02, अंडेला-01, बमनौरा, दुगाहाकलां-02, बड़ोइया, पहरगुवा, विदवासन, मड़िया कीरत-01 एवं खड़ौआ केंद्रों की कार्यकर्ताओं की बैठक में अनुपस्थिति को भी गंभीरता से लिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इन सभी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा सात दिवस का मानदेय काटने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि झड़िया, खिरियाकलां-01, किशनगढ़ एवं बम्हौरीलाल केंद्रों में विभागीय कार्य लंबे समय से अधूरे हैं। साथ ही हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिल रहा है और संबंधित कार्यकर्ता समीक्षा बैठक में भी अनुपस्थित रहे। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने संबंधित कार्यकर्ताओं के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित रूप से केंद्रों का संचालन, पोषण सेवाओं का वितरण, रिकॉर्ड संधारण एवं शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
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