
भोपाल/दतिया।आदि मिश्रा | दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच अब सभी की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत जल्द फैसला सुना सकती है। माना जा रहा है कि इस निर्णय का असर न केवल राजेंद्र भारती के राजनीतिक भविष्य पर पड़ेगा, बल्कि दतिया उपचुनाव की रणनीति भी इससे प्रभावित हो सकती है।
दोनों दलों ने अभी नहीं खोले पत्ते
भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी तक अपने अधिकृत उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही दोनों पार्टियां अपने प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय ले सकती हैं।
क्या है पूरा मामला?
बैंक एफडी घोटाला मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।
फैसले के बाद बदल सकती है चुनावी रणनीति
यदि हाईकोर्ट का फैसला राजेंद्र भारती के पक्ष में आता है तो कांग्रेस की चुनावी रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं भाजपा भी अपने प्रत्याशी के नाम पर अंतिम फैसला लेने की स्थिति में होगी। फिलहाल नामांकन प्रक्रिया जारी है, लेकिन दोनों प्रमुख दलों की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा नहीं होने से दतिया की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
अब सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले और उसके बाद होने वाले राजनीतिक ऐलानों पर टिकी हुई है।
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