
दतिया/(भोपाल से आदित्य मिश्रा और दतिया से संतोष चंसौलिया की खास रिपोर्ट ): मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल दतिया उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने संगठन से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता और चुनावी रणनीतिकार आशुतोष तिवारी को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। इस घोषणा के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही उन तमाम राजनीतिक अटकलों पर भी विराम लग गया है, जिनमें पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा लगातार की जा रही थी।
बीजेपी की ओर से प्रत्याशी घोषित किए गए आशुतोष तिवारी दतिया जिले के विकासखंड भांडेर के ग्राम पिपररुआकलां के निवासी हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका, कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ और चुनावी प्रबंधन की क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने इस महत्वपूर्ण उपचुनाव में उन पर भरोसा जताया है। पार्टी का मानना है कि संगठनात्मक अनुभव और जमीनी कार्यशैली उन्हें चुनावी मुकाबले में मजबूत उम्मीदवार बनाती है।
आशुतोष तिवारी का नाम पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें लहार विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया था। उस चुनाव में उन्होंने बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ता समन्वय और चुनावी रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भाजपा ने लहार सीट पर जीत दर्ज की थी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह को पराजय का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उसी प्रदर्शन और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन्हें दतिया उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया है।
दतिया सीट को लेकर पिछले कई दिनों से भाजपा के भीतर और राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम को लेकर हो रही थी। लगातार यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी उन्हें उपचुनाव में उतार सकती है। हालांकि भाजपा ने अंतिम निर्णय लेते हुए आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगा दी, जिससे नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की सभी अटकलें समाप्त हो गईं। दतिया विधानसभा उपचुनाव पहले से ही प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल और प्रतिष्ठित सीटों में माना जा रहा है। भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद अब चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है। कांग्रेस भी इस सीट पर अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हुई है और पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने संगठन को प्राथमिकता देते हुए अपेक्षाकृत नए चेहरे पर दांव लगाया है, जबकि कांग्रेस भी इस सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। ऐसे में दतिया उपचुनाव में दोनों प्रमुख दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे। अब भाजपा की ओर से प्रत्याशी घोषित होने के बाद दतिया में चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं और आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेताओं के दौरे भी तेज हो सकते हैं। प्रदेश की राजनीतिक नजरें अब इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव पर टिकी हुई हैं, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।
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