
दतिया। आदि मिश्रा | दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। टिकट नहीं मिलने के बाद समर्थकों द्वारा किए गए विरोध और हंगामे पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे गलत बताया है। उन्होंने कहा कि टिकट देना या न देना पूरी तरह पार्टी का निर्णय है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद शुरू हुए विरोध के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और हर कार्यकर्ता को पार्टी के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों द्वारा किए गए प्रदर्शन और उपद्रव को अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पार्टी की छवि के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यकर्ता को पार्टी के निर्णय के खिलाफ जाकर विरोध या हंगामा नहीं करना चाहिए।
गौरतलब है कि दतिया सीट से डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम संभावित उम्मीदवारों में शामिल माना जा रहा था, लेकिन भाजपा ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया। इसके बाद दतिया में कई स्थानों पर समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अब नरोत्तम मिश्रा के इस बयान को विवाद शांत कराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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