मानपुर धान खरीदी में बड़ा विवाद: 2026-27 की बोरियों में पहुंचा चावल, जांच प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

उमरिया/राकेश दर्दवंशी की रिपोर्ट:  जिले के मानपुर विकासखंड में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसने पूरी खरीदी प्रक्रिया और जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला रिझआ-रकसा ग्राम पंचायत स्थित विनायक राइस मिल से जुड़ा है, जहां से चावल से भरा एक ट्रक उमरिया के चंदवार स्थित बंसल गोदाम भेजा गया था। बताया जा रहा है कि ट्रक के गोदाम पहुंचने के कुछ ही समय बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और चावल को स्वीकार करने से इनकार करते हुए ट्रक को वापस भेज दिया।

जानकारी के अनुसार, विवाद चावल की गुणवत्ता को लेकर नहीं बल्कि उन बोरियों को लेकर था, जिनमें चावल भरकर भेजा गया था। आरोप है कि चावल 2026-27 सत्र अंकित बोरियों में भरकर भेजा गया था, जबकि संबंधित बोरियां अभी तक न तो किसी सहकारी समिति को उपलब्ध कराई गई थीं और न ही किसी राइस मिलर को आधिकारिक रूप से आवंटित की गई थीं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब नई बोरियां जारी ही नहीं हुई थीं, तो उनका उपयोग कैसे किया गया।

मामले की जानकारी मिलते ही जिला स्तर के अधिकारियों ने जांच शुरू की। आरोप है कि जांच पूरी होने से पहले ही ट्रक को वहां से हटा दिया गया और रातोंरात कथित रूप से संदिग्ध बोरियों को बदल दिया गया। इसके बाद जब अधिकारियों ने दोबारा निरीक्षण किया तो मौके पर उन्हें 2026-27 अंकित कोई भी बोरी नहीं मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा सके।

मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान जीपीएस युक्त कैमरे से फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे, जिनमें कथित तौर पर 2026-27 अंकित बोरियां स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद जांच के दौरान ऐसी बोरियां नहीं मिलने से जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है। एएसओ जागृति प्रजापति और फूड ऑफिसर रोहित सिंह के अनुसार पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला धान खरीदी व्यवस्था, राइस मिल संचालन और सरकारी भंडारण प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।

ये भी पढ़े – उमरिया: निगहरी पंचायत के निर्माण कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप, रपटा कम स्टॉप डैम और नदी घाट निर्माण की होगी जांच

  • manpur-paddy-procurement-2026-27-bag-controversy-umaria-rice-mill-investigation
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    पटोरी और कन्नपुर में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान: एई को सौंपा ज्ञापन

    टीकमगढ़/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र की…

    आगे पढ़ें
    देवास जनसुनवाई में चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत: प्रसूता के उपचार को लेकर अस्पताल और डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग

    देवास/ गौरव व्यास: देवास कलेक्टर जनसुनवाई में प्रसूता के…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    भोपाल: गुरु पूर्णिमा पर सीएम मोहन यादव का संदेश, भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण पर दिया जोर

    भोपाल: गुरु पूर्णिमा पर सीएम मोहन यादव का संदेश, भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण पर दिया जोर

    भोपाल में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का महाआंदोलन, 100% MSP खरीद की मांग पर हाईवे जाम

    भोपाल में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का महाआंदोलन, 100% MSP खरीद की मांग पर हाईवे जाम

    एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: फास्ट ट्रैक कोर्ट, ₹7 हजार करोड़ निवेश समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

    एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: फास्ट ट्रैक कोर्ट, ₹7 हजार करोड़ निवेश समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

    भोपाल कूच पर अड़े किसान, आज CM हाउस घेराव की तैयारी; मूंग की 100% खरीदी की मांग

    भोपाल कूच पर अड़े किसान, आज CM हाउस घेराव की तैयारी; मूंग की 100% खरीदी की मांग

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू