
मैहर/देवेश शर्मा की रिपोर्ट: मैहर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद्, इंजीनियर और समाजसेवी सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती।
पूर्व विधायक ने प्रदेश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के हर छात्र के भविष्य से जुड़ा विषय है।
“शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं”
नारायण त्रिपाठी ने अपने संदेश में “निष्पक्ष परीक्षा के लिए, हमारे भविष्य के लिए” और “शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं” जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कभी भी व्यापार या विशेष वर्ग तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इसे सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है तो यह देश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बहाल हो सके।
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परीक्षा अनियमितताओं पर जताई चिंता
पूर्व विधायक ने कहा कि हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने छात्रों और अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रक्रिया ही विवादों में घिर जाए तो उनकी मेहनत और सपनों पर प्रश्नचिह्न लग जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे।
सोनम वांगचुक के कार्यों की सराहना
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख सहित देश के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को उनके विचारों का समर्थन करना चाहिए।
युवाओं से की आगे आने की अपील
पूर्व विधायक ने मैहर और मध्य प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए जागरूक रहें तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर उस छात्र का है जो ईमानदारी और मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहता है।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा, “न्याय के लिए खड़े हों, छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठाएं और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के प्रयासों का समर्थन करें।”
सरकार से की ठोस कदम उठाने की मांग
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि सरकार को प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने, पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना देश के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
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