
टीकमगढ़/ जिले की जनपद पंचायत टीकमगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बढ़माड़ई खास की दलित बस्ती में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। बस्ती के सार्वजनिक हैंडपंप से लाल रंग का जंगयुक्त पानी निकलने के कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हैंडपंप से निकल रहा पानी पीने योग्य तो नहीं ही है, बल्कि घरेलू उपयोग और स्नान के लिए भी सुरक्षित नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, दलित बस्ती में यही हैंडपंप पेयजल का मुख्य स्रोत है। लंबे समय से इसमें दूषित और जंगयुक्त पानी निकल रहा है, जिससे लोगों के सामने जल संकट खड़ा हो गया है। मजबूरी में ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर स्थित कुओं और अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
ग्रामीण राकेश अहिरवार ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला तो मजबूर होकर उन्हें मीडिया का सहारा लेना पड़ा। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पीएचई विभाग से मांग की है कि खराब हैंडपंप की तत्काल मरम्मत कराई जाए, पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और बस्ती में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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