
टीकमगढ़/धर्मेंद्र सिंह लोधी की रिपोर्ट: बरसात के मौसम में जलजनित बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने जिले में विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत क्षेत्र के हैंडपंप, कुएं और अन्य पेयजल स्रोतों में दवा डालकर उन्हें संक्रमणमुक्त किया जा रहा है, ताकि दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
पीएचई विभाग के अनुसार अधिकांश पेयजल स्रोतों में दवा डालने का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष बचे जल स्रोतों में भी अगले तीन से पांच दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विभाग की टीमें लगातार गांवों और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल स्रोतों का निरीक्षण कर रही हैं।
पीएचई अधिकारी हर्ष राय ने बताया कि वर्षा ऋतु में जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग विशेष सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जलापूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कचरा या गंदगी न फैलाएं और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएं। यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संबंधी समस्या या जल स्रोत में गंदगी दिखाई दे तो तत्काल पीएचई विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पीएचई विभाग का कहना है कि प्रशासन और आमजन के सहयोग से ही जलजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और सभी नागरिकों तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। बरसात के पूरे मौसम में विभाग द्वारा पेयजल गुणवत्ता की नियमित निगरानी और आवश्यक उपचार की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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