
बीना (सागर)।मनीष कुमार चौबे| सागर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (MMR और IMR) में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने सभी विकासखंडों में विशेष उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसी क्रम में बीना में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्वास्थ्य अमले को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि सुरक्षित मातृत्व को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘सुमन पंचायत’ के माध्यम से गांवों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएं
कार्यक्रम में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि जिले में ‘सुमन पंचायत’ पहल को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इसके तहत गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा तथा आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और रेफरल सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
तीन महीने में परिणाम नहीं मिले तो होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने एएनएम, आशा कार्यकर्ता, सुपरवाइजर और चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए कि वे पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि यदि अगले तीन माह में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रभावी परिणाम नहीं दिखे तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान में इन बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग की रणनीति के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, एनीमिया प्रबंधन, नवजात शिशुओं का समय पर टीकाकरण, कुपोषित बच्चों की विशेष देखभाल, स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा और जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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