टीकमगढ़ में अब स्कूलों की राजस्व अधिकारी करेंगे निगरानी, लापरवाही मिली तो शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

टीकमगढ़/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: जिले में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और व्यवस्थागत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अब राजस्व अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सरकारी स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान लापरवाही, शिक्षकों की अनुपस्थिति या किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित शिक्षकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह निर्देश कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने सोमवार को आयोजित टीएल यानी समय-सीमा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।

स्कूलों में अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लेंगे जायजा

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का नियमित रूप से मैदानी निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में मौजूद वास्तविक व्यवस्थाओं का आकलन किया जाए और रिपोर्ट तैयार की जाए।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या और स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली जाए।

मिड-डे मील और विद्यार्थियों की उपस्थिति पर भी नजर

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निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन योजना की व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति, स्कूल में दर्ज छात्र संख्या और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता और शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी जरूरी है। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को मैदानी भ्रमण के निर्देश

टीएल बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की मॉनिटरिंग रिपोर्ट की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। प्रशासन की इस नई व्यवस्था के बाद अब सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई और मूलभूत सुविधाओं की निगरानी और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

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Manisha Gupta

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