
बुरहानपुर।राजू सिंह राठौड़| NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शक्ति संगठन ने मंगलवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और करोड़ों छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
छात्र शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि देशभर के लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य पर गंभीर असर डालती हैं। संगठन ने मांग की कि NEET-UG पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी उठाई मांग
ज्ञापन में संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं से विद्यार्थियों का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होता है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर
संगठन ने मांग की कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए। साथ ही छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
छात्र शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की।
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