
केसली/ मनीष कुमार चौबे: मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालय केसली में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, निगरानी और उपचार को लेकर सख्त निर्देश दिए।
समय पर ब्लड उपलब्ध कराना BMO और CHO की जिम्मेदारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनकी लगातार निगरानी मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी गर्भवती महिला को उपचार के दौरान ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता पड़ती है, तो संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की जिम्मेदारी होगी कि मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल ब्लड की व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर ही सुरक्षित तरीके से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीज और उसके परिजनों को इधर-उधर भटकना न पड़े।
हर गर्भवती महिला का समय पर हो पंजीयन
प्रशिक्षण के दौरान एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करें। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों को तत्काल चिन्हित कर संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि हाई रिस्क मामलों में समय पर पहचान, लगातार निगरानी और तत्काल उपचार की व्यवस्था मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
महाविद्यालय परिसर में किया पौधारोपण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसडीएम केसली राजनंदिनी शर्मा, जनपद सीईओ प्रतिष्ठा जैन, बीएमओ डॉ. मधुर जैन, जन भागीदारी समिति अध्यक्ष मनोज लोधी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया।
इस दौरान अधिकारियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग का मैदानी अमला रहा मौजूद
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य मैदानी अमला मौजूद रहा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम करने पर जोर दिया।
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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को शून्य के करीब लाने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से काम करना होगा। समय पर पंजीयन, हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान, नियमित फॉलोअप और जरूरत पड़ने पर तत्काल ब्लड उपलब्ध कराना इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।
- Sagar Collector Directs Timely Blood Transfusion For High Risk Pregnant Women











