मुरैना में स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों की मनमानी को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश, विभाग पर गंभीर आरोप

मुरैना में स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों की मनमानी को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश, विभाग पर गंभीर आरोप

मुरैना: जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा अब फूट पड़ा है। स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग और स्मार्ट मीटर का काम देख रही निजी एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि मुरैना में मनमाने तरीके से मीटर बदले जा रहे हैं और भारी-भरकम बिल भेजकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं के गंभीर आरोप

  1. बिना सूचना और सहमति के मीटर बदलना: उपभोक्ताओं का आरोप है कि ईसिया सॉफ्ट और अल्पनार जैसी निजी एजेंसियों के नुमाइंदे (जिन्हें स्थानीय स्तर पर सुरेश चंद्रा, अमर और तौसिफ अहमद संभाल रहे हैं) बिना किसी पूर्व सूचना के घरों में घुसकर जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। कई मामलों में पुराने मीटरों का डेटा (IVRS) तक अपडेट नहीं किया जा रहा है।
  2. अचानक बढ़े हुए बिल: नागरिकों का कहना है कि सामान्य दिनों में जो बिल ₹250 से ₹300 तक आते थे, वे स्मार्ट मीटर लगने के बाद ₹5,000 से लेकर ₹9,000 तक पहुंच गए हैं। यहाँ तक कि कई उपभोक्ताओं के घर फिजिकली स्मार्ट मीटर लगा भी नहीं है, लेकिन सिस्टम में उन्हें स्मार्ट मीटर से जुड़ा बताकर भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं।
  3. कार्यालय में बदसलूकी: जब उपभोक्ता अपनी इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालयों में GM, BGM या अन्य अधिकारियों के पास पहुँचते हैं, तो उनकी सुनवाई करने के बजाय उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जाता है और मनमानी का हवाला दिया जाता है।

उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें और कानूनी कदम की चेतावनी

इस मनमानी से परेशान उपभोक्ताओं ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  • पारदर्शी प्रक्रिया: स्मार्ट मीटर लगाने और पुराने मीटर हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
  • बढ़े हुए बिलों की जांच: जिन उपभोक्ताओं के बिल अचानक कई गुना बढ़कर आए हैं, उनके मामलों की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच हो।
  • जिम्मेदारों पर कार्रवाई: उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मनमानी और कथित अवैध वसूली पर रोक नहीं लगी, तो वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस के पास जाकर संबंधित अधिकारियों व निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कदाचार की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कानूनी कदम उठाएंगे।
  • MAHENDRA SINGH LAHARIYA

    MAHENDRA SINGH LAHARIYA

    Related Posts

    ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान का 13वां दिन: छात्रावासों, धार्मिक स्थलों, जेल और फैक्ट्रियों में चला जागरूकता अभियान

    सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर…

    आगे पढ़ें
    राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर डबरा में पांच दिवसीय आयोजन शुरू, 3 अगस्त को निकलेगा भव्य चल समारोह

    डबरा/भरत रावत की रिपोर्ट: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

    कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

    CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

    CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

    दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

    दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

    NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया

    NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया