
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: जिले में शासकीय विद्यालयों में पदस्थ 11 शिक्षकों पर निजी कोचिंग संचालित करने, छात्रों से मोटी फीस वसूलने और परीक्षा में कम अंक देने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में क्षत्रिय फ्रीडम फाइटर्स एंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की गई है।
कोचिंग शहर के अलग अलग स्थानों पर संचालित
शिकायतकर्ता नीरज वर्मा ने आरोप लगाया है कि शहर के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में पदस्थ 11 शिक्षक निजी कोचिंग का संचालन कर रहे हैं। शिकायत में जिन शिक्षकों के नाम शामिल हैं, उनमें एल.डी. शर्मा, प्रदीप झा, कल्पना धाकड़, केशव शर्मा, देवेंद्र धाकड़, मनीष शर्मा, कृष्णकांत राठौर, विपिन पचौरी, गोविंद धाकड़, दीप ओझा और दद्दीवाल सर शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, ये कोचिंग शहर के अलग अलग स्थानों पर संचालित की जा रही हैं।
परिणाम प्रभावित करने की धमकी
आवेदन में दावा किया गया है कि इन कोचिंग संस्थानों में प्रत्येक छात्र से ₹6,000 से ₹7,000 तक वार्षिक फीस वसूली जा रही है। साथ ही आरोप है कि जो छात्र संबंधित शिक्षकों की कोचिंग में प्रवेश नहीं लेते या फीस देने में असमर्थ होते हैं, उन्हें प्रैक्टिकल और वार्षिक परीक्षा में कम अंक देने अथवा परिणाम प्रभावित करने की धमकी दी जाती है।
वीडियो और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत
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शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ शिक्षक शासकीय विद्यालयों में पूरा पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, जिससे विद्यार्थी निजी कोचिंग लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इसे शासकीय सेवा नियमों का उल्लंघन बताते हुए शिकायत में कहा गया है कि जांच के दौरान वीडियो और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत के आधार पर लगाए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अथवा संबंधित शिक्षकों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
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