
शिवपुरी।कुलदीप शर्मा| जिले के पिछोर क्षेत्र के चमरौआ गांव में आदिवासी महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं कथित रूप से अवैध शराब बेचे जाने की सूचना पर एक दुकान पहुंचीं और वहां रखी शराब की बोतलों को बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सूचना मिलते ही दुकान पर पहुंचीं महिलाएं
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। सूचना मिलने पर वे एकजुट होकर संबंधित दुकान पर पहुंचीं और कथित रूप से वहां रखी शराब की बोतलें बाहर निकालकर विरोध दर्ज कराया।
‘शराब से परिवार हो रहे हैं बर्बाद’
महिलाओं ने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारण गांव के कई लोग नशे के आदी हो चुके हैं। उनका कहना है कि इससे घरेलू विवाद, मारपीट, आर्थिक परेशानी और बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने गांव को नशामुक्त बनाने की मांग दोहराई।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अवैध शराब के कारोबार की शिकायत कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्होंने स्वयं अभियान शुरू किया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को आदिवासी सहरिया समाज की बैठक में शराब के विरोध में अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 16 जुलाई को खनियाधाना के कफ़ार गांव और फिर दविया कला में भी महिलाओं ने कथित अवैध शराब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। चमरौआ की घटना इस अभियान की लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।
नशामुक्त गांव बनाने का संकल्प
महिलाओं ने कहा कि उनका उद्देश्य गांवों को नशामुक्त बनाना और परिवारों को शराब की बुराइयों से बचाना है। उनका कहना है कि जब तक अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं होगा, तब तक उनका अभियान जारी रहेगा।
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