
शिवपुरी/कुलदीप शर्मा की रिपोर्ट: जिले में शुक्रवार और शनिवार शाम से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार रात पिछोर क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद महुअर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी आसपास के गांवों और खेतों तक पहुंचने से कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गुरुकुदवाया गांव में नदी का पानी स्कूल परिसर और कुछ घरों तक पहुंच गया, जबकि बूढ़ोन शाजापुर, उमरीकला और पायगा सहित आसपास के कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी खरीफ फसलों के डूबने से किसानों को नुकसान की आशंका है।
महुअर नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
पिछोर क्षेत्र में तेज बारिश के बाद महुअर नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया। नदी का पानी गुरुकुदवाया गांव तक पहुंच गया, जहां स्कूल परिसर और कुछ घर भी प्रभावित हुए हैं। वहीं आसपास के गांवों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बूढ़ोन शाजापुर, उमरीकला और पायगा सहित कई गांवों में खेतों में पानी भरने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण खेतों से पानी की निकासी प्रभावित हुई है।
पिछोर से करैरा तक तेज हुआ नदी का बहाव
महुअर नदी का तेज बहाव पिछोर क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए करैरा क्षेत्र तक पहुंच गया। इस सीजन में पहली बार करैरा पुल के पास नदी तेज बहाव के साथ बहती दिखाई दी। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बारिश का असर जिले के अन्य नदी-नालों पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
बारिश तेज हुई, लेकिन पिछले साल की तुलना में काफी कम
शिवपुरी में इस समय बारिश का दौर भले ही तेज हुआ है, लेकिन पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला पिछले वर्ष की तुलना में बारिश के मामले में काफी पीछे है। भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून 2026 से अब तक शिवपुरी जिले में औसतन 313.82 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में औसतन 1043.54 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस तरह इस वर्ष अब तक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 729.72 मिमी कम बारिश दर्ज हुई है। यानी पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 70 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार शिवपुरी जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी है। पिछले वर्ष पूरे मानसून सीजन में जिले में कुल 1585.86 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। वर्तमान मानसून सीजन में अब तक दर्ज वर्षा सामान्य औसत वर्षा की तुलना में भी काफी कम है। हालांकि शुक्रवार से शुरू हुए बारिश के दौर के बाद जिले की नदियों और नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है।
शिवपुरी तहसील में सबसे ज्यादा, खनियाधाना में सबसे कम बारिश
1 जून 2026 से अब तक तहसीलवार दर्ज बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं—
शिवपुरी: 401.80 मिमी
पोहरी: 392 मिमी
करैरा: 357.60 मिमी
नरवर: 353 मिमी
कोलारस: 331 मिमी
पिछोर: 262 मिमी
बदरवास: 286.50 मिमी
बैराड़: 232 मिमी
खनियाधाना: 208.50 मिमी
आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक सबसे अधिक 401.80 मिमी बारिश शिवपुरी तहसील में, जबकि सबसे कम 208.50 मिमी बारिश खनियाधाना में दर्ज की गई है।
बारिश से राहत, लेकिन किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार बारिश से जहां गर्मी और सूखे जैसी स्थिति से राहत मिली है, वहीं नदी-नालों के उफान और खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर पिछोर और करैरा क्षेत्र में महुअर नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश के चलते खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर नदी के जलस्तर तथा जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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