
घाटोल-बांसवाड़ा।मुकेश कुमार जैन| धार्मिक नगरी घाटोल में आर्यिका श्री प्रशममति माताजी और आर्यिका श्री उपशममति माताजी के पावन सानिध्य में भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाजजनों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया। समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई।
संगीतमय मंगलाचरण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणियों के मंगलाचरण से हुई। इसके बाद स्थानीय बालिका मंडल ने संगीतमय मंगलाचरण प्रस्तुत किया। आचार्य श्री के चित्र का अनावरण कुरावली, आरोन और रानीपुर से आए समाजजनों ने किया। दीप प्रज्ज्वलन का सौभाग्य मुजफ्फरनगर, सिंगोली, खमेरा और आसपास के समाजजनों को मिला।
माताजी को शास्त्र दान और संगीतमय पूजन
कार्यक्रम में दोनों आर्यिका माताजी को शास्त्र दान किया गया। इसके बाद स्थानीय और आसपास के समाजजनों ने आचार्य श्री का संगीतमय पूजन कर श्रद्धापूर्वक अर्घ्य समर्पित किए। माताजी के सानिध्य में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना की।
संयम कलश के लिए बताए नियम
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका माताजी ने संयम कलश लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के व्रत लेने वाले साधकों को दिन में दो बार शांतचित्त होकर सामायिक करनी होगी। शुद्ध जल से तैयार भोजन ग्रहण करने के साथ मन, वचन और शरीर की पवित्रता बनाए रखने तथा ब्रह्मचर्य का पालन करने पर भी जोर दिया गया।
कई क्षेत्रों से पहुंचे समाजजन
कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों के अलावा सिंगोली, कुरावली, आरोन, मुजफ्फरनगर, खमेरा, पिड़ावा, आगरा, रानीपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा सहित कई स्थानों से समाजजन पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आर्यिका माताजी संघ को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। गुरु सेवा संघ परिवार, सिंगोली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
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