शिवपुरी में 3 साल से ओवरब्रिज का काम धीमा, डायवर्ट रोड पर गड्ढे और जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत

शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी में पोहरी रोड पर बन रहा ओवरब्रिज और रेलवे पुल लोगों के लिए सुविधा बनने से पहले ही परेशानी का कारण बनता जा रहा है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के चलते मुख्य मार्ग का यातायात डायवर्ट किया गया है, लेकिन जिस वैकल्पिक रास्ते से लोगों को गुजरना पड़ रहा है, उसकी हालत भी बदहाल नजर आ रही है। कमला हेरिटेज के सामने सड़क पर जगह जगह बड़े गड्ढे और बारिश का पानी जमा होने से वाहन चालकों को हर दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं। सड़क पर पानी भरने के कारण कई जगह गड्ढे दिखाई तक नहीं देते और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब तक ओवरब्रिज और रेलवे पुल का काम पूरा नहीं होता, तब तक प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए क्या व्यवस्था की है?

तीन साल से चल रहा निर्माण, फिर भी काम अधूरा

स्थानीय लोगों के अनुसार पोहरी रोड पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य करीब तीन साल से चल रहा है, लेकिन इसकी गति को लेकर लोगों में नाराजगी है। मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित है और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ रहा है।

रेलवे पुल का निर्माण भी अभी पूरा नहीं हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने में अभी एक से दो साल तक का समय और लग सकता है। ऐसे में यदि लंबे समय तक इसी डायवर्ट रूट से यातायात चलता रहा तो सड़क की मौजूदा स्थिति लोगों के लिए और बड़ी परेशानी बन सकती है।

कमला हेरिटेज के सामने सड़क बनी मुसीबत

डायवर्ट किए गए मार्ग में रेलवे स्टेशन रोड स्थित कमला हेरिटेज के सामने की सड़क सबसे ज्यादा परेशानी वाली जगहों में नजर आ रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बारिश के बाद इनमें पानी भर जाता है।

वाहन चालक जब इस रास्ते से गुजरते हैं तो उन्हें अंदाजा नहीं लग पाता कि पानी के नीचे सड़क कितनी खराब है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर भी चुके हैं।

नाले पर अतिक्रमण से नहीं निकलता पानी?

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक सर्किट हाउस से आगे कमला हेरिटेज होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क के पास बारिश के पानी की निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि नाले पर अतिक्रमण होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।

बारिश होते ही पानी सड़क पर जमा होने लगता है और धीरे-धीरे पूरा मार्ग जलमग्न जैसा दिखाई देने लगता है। पानी के साथ सड़क पर मौजूद गड्ढे भी ढक जाते हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

वार्ड 7 के पार्षद ने उठाए सवाल

इस मामले को लेकर वार्ड 7 के पार्षद अरविंद ठाकुर ने जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के कारण जनता पहले ही परेशान है, ऐसे में जिस रास्ते को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी हालत सुधारना भी जिम्मेदार विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

पार्षद ने नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से सड़क की स्थिति पर ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि जनता को रोजाना इसी रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, इसलिए गड्ढों और जलभराव की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सैकड़ों वाहन चालक रोज झेल रहे परेशानी

यह रास्ता केवल आसपास रहने वाले लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चालक इसका इस्तेमाल करते हैं। सर्किट हाउस, कमला हेरिटेज, रेलवे स्टेशन और पोहरी रोड की ओर आने-जाने वाले लोगों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है।

बारिश के मौसम में सड़क पर पानी और गड्ढों के कारण यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है। बड़े वाहनों को निकलने में परेशानी होती है, जबकि छोटे वाहन और दोपहिया चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

लोगों की मांग- पुल बनने तक कम से कम सड़क तो सुधरे

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि जब तक ओवरब्रिज और रेलवे पुल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक डायवर्ट किए गए मार्ग को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। सड़क के गड्ढों को भरा जाए, जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए और जहां नाले पर अतिक्रमण के कारण पानी रुक रहा है, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाए।

लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण कब पूरा होगा, इसमें अभी समय लग सकता है, लेकिन तब तक जनता को खराब सड़क और जलभराव के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। प्रशासन यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था कर दे तो वाहन चालकों की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है।

फिलहाल शिवपुरी में ओवरब्रिज निर्माण की धीमी रफ्तार के साथ साथ डायवर्ट रूट की बदहाल स्थिति भी बड़ा सवाल बन गई है। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग कब सड़क के गड्ढे भरवाते हैं और बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था करते हैं।

यह भी पढ़े: शिवपुरी में झमाझम बारिश से नदी नाले उफान पर, 100 फीट का पवा झरना पहली बार पूरे वेग में, रपटों पर जान जोखिम में डाल रहे लोग

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Manisha Gupta

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