उमरिया में बच्चों की पढ़ाई पर कीचड़ का संकट, स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना दलदल से गुजरने को मजबूर छात्र

उमरिया/राकेश दर्दवंशी की रिपोर्ट: शिक्षा के लिए देश का भविष्य किस हद तक परेशानियां झेल रहा है, इसकी जमीनी तस्वीर उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र से सामने आई है। ग्राम पंचायत कोड़ार में स्कूल तक पहुंचने वाला करीब एक किलोमीटर लंबा रास्ता बारिश के बाद कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसे में बच्चों को हर दिन इसी रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के मौसम में रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बच्चों के कपड़े और जूते कीचड़ से सन जाते हैं। कई बार फिसलने का खतरा भी बना रहता है। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई स्थायी पहल नहीं हुई। कोड़ार पंचायत के इस रास्ते से केवल स्कूली बच्चे ही नहीं, बल्कि तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों, बुजुर्गों और प्रसूताओं का भी आवागमन होता है। बारिश के दिनों में सभी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि मानपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार सात बार भाजपा का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद उनके गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है।

ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत सचिव के निजी आवास तक सड़क का निर्माण हो गया, लेकिन स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों के लिए करीब एक किलोमीटर का रास्ता आज भी बदहाल है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि जिम्मेदारों के निजी आवास तक सड़क पहुंच सकती है तो स्कूल और गांव तक सड़क क्यों नहीं बनाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का मौसम हर साल आता है और हर साल यही समस्या सामने आती है। बच्चों को मजबूरी में कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुगम रास्ते से स्कूल पहुंचने की सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पर प्रशासन कब ध्यान देता है और बच्चों को बारिश के दौरान कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने की मजबूरी से कब राहत मिलती है।

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    Rashel Kachwah Rajput

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