
दतिया/भांडेर (संतोष चंसौलिया की रिपोर्ट):भांडेर ब्लॉक की उड़ी पंचायत के अंतर्गत आने वाला ग्राम गणेशपुरा बारिश के मौसम में एक बार फिर गंभीर संकट से जूझ रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पुल के ऊपर पानी बह रहा है, जिससे गांव का संपर्क प्रभावित हो गया है। इसी बीच गणेशपुरा निवासी काशी प्रसाद कुशवाह के निधन के बाद उनके परिजनों को पार्थिव देह गांव तक पहुंचाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। काशी प्रसाद कुशवाह का बीमारी के चलते ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में निधन हो गया था। परिजन उनकी पार्थिव देह लेकर गृह ग्राम गणेशपुरा के लिए रवाना हुए, लेकिन उड़ी के पास नदी के पुल पर पानी बहने के कारण एंबुलेंस को आगे जाने से रोकना पड़ा।
एंबुलेंस उड़ी में रुकी, शव लेकर पानी के बीच से गुजरे परिजन
नदी के पुल पर पानी अधिक होने के कारण एंबुलेंस गणेशपुरा तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद परिजनों को पार्थिव देह लेकर पानी के बीच से आगे जाना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद काशी प्रसाद कुशवाह की पार्थिव देह को गांव तक पहुंचाया। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने बारिश के दौरान गणेशपुरा के सामने आने वाली समस्याओं को एक बार फिर उजागर कर दिया है। परिवार के लिए यह समय पहले ही बेहद दुखद था, लेकिन गांव तक पहुंचने के रास्ते में नदी का बढ़ा जलस्तर एक और बड़ी परेशानी बन गया।
बारिश में हर साल टूट जाता है गांव का संपर्क
ग्रामीणों का कहना है कि गणेशपुरा में यह समस्या नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुल के ऊपर पानी बहने लगता है। पानी बढ़ते ही गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को होती है। आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक नहीं पहुंच पाने से ग्रामीणों को मरीजों को पानी वाले रास्ते से निकालकर सुरक्षित स्थान तक ले जाने की मजबूरी बन जाती है।
मरीजों के साथ शव पहुंचाने में भी परेशानी
काशी प्रसाद कुशवाह की पार्थिव देह को गांव तक पहुंचाने में हुई परेशानी ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब एक मृत व्यक्ति की पार्थिव देह को भी सुरक्षित तरीके से गांव तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, तो किसी गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना कितना चुनौतीपूर्ण होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दिनों में नदी का पानी बढ़ने पर कई बार आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या की जानकारी पहले से है। इसके बावजूद हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर नदी और पुल की स्थिति का स्थायी समाधान निकाले। जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक बारिश के दौरान वैकल्पिक मार्ग और आपातकालीन आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी ग्रामीणों ने की है, ताकि मरीजों और अन्य जरूरतमंद लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
बड़ी दुर्घटना का इंतजार तो नहीं?
ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देगा। नदी के पुल पर तेज बहाव के बीच पैदल या अन्य साधनों से आवागमन करना जोखिम भरा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि गणेशपुरा के लोगों को हर साल बारिश में संपर्क टूटने की समस्या से निजात दिलाना जरूरी है। काशी प्रसाद कुशवाह की पार्थिव देह को गांव तक पहुंचाने में हुई परेशानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गणेशपुरा को बारिश में टूटते संपर्क से स्थायी राहत कब मिलेगी।
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