
टीकमगढ़। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा बुधवार देर रात टीकमगढ़ पहुंची। कुंडेश्वर रोड स्थित पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दिव्य दरबार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने बेटियों की शिक्षा, युवाओं के लिए माता-पिता के महत्व, नशामुक्ति और नवरात्र के गरबा आयोजनों को लेकर अपनी बात रखी। गरबा पंडालों में भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा लगाने का उनका सुझाव भी चर्चा में रहा।
बेटियों को उच्च शिक्षा और करियर पर ध्यान देने की सलाह
दिव्य दरबार में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर जैसे उच्च पदों तक पहुंचने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने बेटियों को अपनी संस्कृति और पहचान के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने युवाओं को माता-पिता के महत्व का संदेश देते हुए कहा कि प्रेम गलत नहीं है, लेकिन माता-पिता से बढ़कर कुछ नहीं होना चाहिए। उनके इस संदेश में परिवार के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। बेटियों को लेकर उनके कुछ अन्य बयानों को लेकर भी कार्यक्रम के बाद चर्चा हुई।
गरबा पंडाल में वराह भगवान की प्रतिमा लगाने का सुझाव
नवरात्र के दौरान गरबा आयोजनों में प्रवेश को लेकर भी धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी राय रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि गरबा पंडाल के प्रवेश द्वार पर भगवान विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा स्थापित की जाए और पंडाल में आने वाले लोगों से प्रतिमा के सामने प्रणाम कराया जाए।
उन्होंने इस व्यवस्था को गरबा आयोजनों में बाहरी लोगों की पहचान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। यह बयान नवरात्र के दौरान गरबा पंडालों में प्रवेश और पहचान को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है। इससे पहले यात्रा के दौरान उनके गरबा में प्रवेश और पहचान को लेकर दिए गए अन्य बयानों की भी चर्चा हुई थी।
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यात्रा में चोरी के मामलों को लेकर भी किया दावा
दिव्य दरबार के दौरान सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा के दौरान कथित चोरी की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। धीरेंद्र शास्त्री ने दावा किया कि पुलिस ने चार मुस्लिम युवकों को पकड़ा है और उन पर अलग-अलग स्थानों पर चोरी की घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हुई है। ऐसे में आरोपियों की संख्या, उनकी गिरफ्तारी और चोरी की घटनाओं में उनकी कथित भूमिका की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड या आधिकारिक बयान से ही मानी जा सकती है।
बड़ागांव धसान से टीकमगढ़ पहुंची रथ यात्रा
सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा बड़ागांव धसान के रास्ते टीकमगढ़ जिले में दाखिल हुई। रास्ते में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और मंगल कलश के साथ यात्रा का स्वागत किया। टीकमगढ़ पहुंचने के बाद यात्रा से जुड़े कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बागेश्वर धाम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह यात्रा 11 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच बुंदेलखंड के विभिन्न क्षेत्रों से होकर निकली और इसके मार्ग में टीकमगढ़ भी शामिल रहा।
25 हजार लोगों के लिए भोजन और पांच हजार के विश्राम की व्यवस्था
यात्रा के संयोजक राजेंद्र तिवारी के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन और लगभग पांच हजार लोगों के विश्राम की व्यवस्था की गई थी। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने रथ यात्रा का स्वागत किया। टीकमगढ़ के बाद यात्रा मुख्य बाजारों से होते हुए जतारा की ओर रवाना हुई और आगे उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर की ओर बढ़ी। इस दौरान धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता और नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया।
टीकमगढ़ में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में बेटियों की शिक्षा, माता-पिता के सम्मान और गरबा पंडालों की व्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। वहीं यात्रा से जुड़ी कथित चोरी की घटनाओं पर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही और यात्रा आगे के लिए रवाना हो गई।
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