
झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी की पहल पर शुक्रवार को जिले के 1380 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को उत्सव के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लेकर बच्चों की शैक्षिक प्रगति के साथ उनके सर्वांगीण विकास की जानकारी ली। गौरांग राठी वर्तमान में झांसी के जिलाधिकारी हैं।
पारंपरिक रिपोर्ट कार्ड की जगह मिला होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड
इस बार अभिभावकों को बच्चों का पारंपरिक रिपोर्ट कार्ड देने के बजाय होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड उपलब्ध कराया गया। इसमें केवल परीक्षा के अंकों की जानकारी नहीं थी, बल्कि भाषा, गणित और विज्ञान जैसे विषयों में सीखने के स्तर के साथ बच्चे के शारीरिक स्वास्थ्य, खेलकूद में रुचि, अनुशासन, आत्मविश्वास और सहपाठियों के साथ व्यवहार की जानकारी भी शामिल की गई।
इसके अलावा नैतिक मूल्यों तथा कला, संगीत और हस्तकला जैसी रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी को भी प्रगति कार्ड में शामिल किया गया। इससे अभिभावकों को बच्चे की शैक्षिक क्षमता के साथ उसकी अन्य प्रतिभाओं और विकास के क्षेत्रों को समझने का अवसर मिला।
सीडीओ ने अभिभावकों से किया सीधा संवाद
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने पीएम श्री विद्यालय दिगारा, विकासखंड बड़ागांव में आयोजित पीटीएम में भाग लिया। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से सीधे संवाद कर उनकी मजबूती और सुधार के क्षेत्रों पर चर्चा की।
शिक्षकों ने भी अभिभावकों को बच्चों की सीखने की स्थिति के बारे में जानकारी दी। घर पर पढ़ाई में सहयोग, विद्यालय में नियमित उपस्थिति और बच्चों को मोबाइल से दूर रखने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अभिभावकों ने भी बैठक के दौरान अपने सुझाव साझा किए।
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विद्यालयों में दिखा उत्सव जैसा माहौल
जिले के 1380 विद्यालयों में पीटीएम को लेकर उत्साह का माहौल रहा। सुबह से ही अभिभावक विद्यालयों में पहुंचने लगे। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं के अभिभावकों ने भी विशेष रुचि दिखाई।
कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए चार्ट, मॉडल और कला कृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इससे अभिभावकों को बच्चों की रचनात्मक क्षमता को करीब से देखने का अवसर मिला।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को किया गया सम्मानित
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड का उद्देश्य केवल बच्चों का मूल्यांकन करना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार उन्हें सही दिशा देना है। विद्यालय और अभिभावक मिलकर काम करेंगे तो बच्चों का आत्मविश्वास और व्यक्तित्व बेहतर तरीके से विकसित होगा।
इस दौरान कक्षा छह के मोहित रायकवार को सर्वाधिक उपस्थिति के लिए सम्मानित किया गया। कक्षा छह के देव कुशवाहा और कक्षा पांच की संध्या को निपुण परीक्षा में लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। बच्चों को उनके अभिभावकों की मौजूदगी में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड भी वितरित किए गए।
फीडबैक के आधार पर बनेगी व्यक्तिगत सुधार योजना
रानी लक्ष्मीबाई प्राथमिक विद्यालय नगर क्षेत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गौड़ ने पीटीएम में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि बैठक से मिले अभिभावकों के सुझाव और फीडबैक के आधार पर बच्चों के लिए व्यक्तिगत सुधार योजना तैयार की जाएगी। अगले चरण में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड को और प्रभावी बनाने पर भी काम किया जाएगा।
खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने विकासखंडों में आयोजित बैठकों का निरीक्षण किया। बैठक में एबीएसए उपेंद्र प्रताप सिंह, आयुषी, प्रधानाध्यापिका राजेश्वरी, मधु पासी, सोनम तिवारी, राजीव यादव और संजय उपाध्याय सहित शिक्षक तथा बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
झांसी में आयोजित इस व्यापक पीटीएम का उद्देश्य बच्चों को केवल अंकों के आधार पर परखने के बजाय उनके शैक्षिक, शारीरिक, सामाजिक, रचनात्मक और भावनात्मक विकास को समझना रहा। होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के माध्यम से विद्यालय और अभिभावकों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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