
अमेरिका के टेक्सास राज्य में H-1B वीजा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने नए H-1B वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है, जो अगले साल मई तक लागू रहेगी। इस फैसले से खास तौर पर भारतीय प्रोफेशनल्स पर बड़ा असर पड़ सकता है।
टेक्सास के गवर्नर ने यह कदम स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देने और इमिग्रेशन नीति में सख्ती के तहत उठाया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से लगभग 15 हजार भारतीयों की नौकरी और वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। टेक्नोलॉजी, आईटी और इंजीनियरिंग सेक्टर में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए यह फैसला चिंता का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टेक्सास अमेरिका का प्रमुख टेक्नोलॉजी हब है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी स्किल्ड वर्कर्स काम करते हैं। ऐसे में H-1B वीजा पर रोक से कंपनियों को भी प्रतिभाशाली कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यह कदम अमेरिका की इमिग्रेशन नीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय समुदाय के लिए यह फैसला खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। आने वाले महीनों में इस फैसले पर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है, और केंद्र सरकार या अदालतों के स्तर पर इसमें बदलाव भी हो सकता है।









