
विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस में भारतीय छात्रों के साथ शोषण और उत्पीड़न से जुड़े मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में दुनियाभर से दर्ज की गई कुल शिकायतों में बड़ी संख्या रूस से सामने आई है, जिसने शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े सवालों को और गहरा कर दिया है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2025 में वैश्विक स्तर पर लगभग 350 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से करीब 200 मामले रूस से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन शिकायतों में मानसिक उत्पीड़न, भेदभाव, धोखाधड़ी और प्रशासनिक परेशानियों जैसे मुद्दे शामिल हैं। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें शिक्षा संस्थानों और स्थानीय एजेंसियों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या के साथ-साथ जोखिम भी बढ़ा है। कई छात्र बेहतर शिक्षा और कम खर्च के कारण रूस को चुनते हैं, लेकिन भाषा, संस्कृति और कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता उन्हें कमजोर स्थिति में डाल देती है। इस स्थिति ने भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी कर दी है।
वर्तमान हालात को देखते हुए यह आवश्यक माना जा रहा है कि भारत सरकार और रूस के बीच इस मुद्दे पर सहयोग बढ़ाया जाए। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विदेशी शिक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हो सकता है। यह मामला अब केवल व्यक्तिगत शिकायतों तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छात्र सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।









