
बांग्लादेश की राजनीति में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नया विवाद उभर आया है। विपक्षी दल BNP के एक हिंदू सांसद ने आरोप लगाया कि भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल में हिंदुओं पर हुए कथित अत्याचारों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी।
सांसद ने क्या कहा
BNP से जुड़े हिंदू सांसद ने सार्वजनिक बयान में कहा कि:
हसीना सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमले और दबाव की घटनाएँ हुईं
भारत, जो खुद को हिंदुओं का संरक्षक बताता है, उस समय चुप रहा
अब राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलने पर भारत बांग्लादेशी हिंदुओं की चिंता जता रहा है
उनके बयान ने बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी बहस छेड़ दी है।
विश्लेषकों के अनुसार यह बयान तीन वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की राजनीति – हसीना विरोधी दल भारत-समर्थन के मुद्दे को उठा रहे हैं
अल्पसंख्यक सुरक्षा का अंतरराष्ट्रीय मुद्दा – हिंदू समुदाय की सुरक्षा क्षेत्रीय कूटनीति से जुड़ गई है
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर – विपक्ष भारत की भूमिका पर सवाल उठा रहा
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर असर?
भारत और बांग्लादेश के संबंध पिछले दशक में काफी मजबूत रहे हैं, खासकर हसीना शासन के दौरान। लेकिन BNP और अन्य विपक्षी दल अक्सर भारत-झुकाव का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे बयान भविष्य की राजनीति में भारत को चुनावी मुद्दा बना सकते हैं।









