
भारत AI इम्पैक्ट समिट में अव्यवस्था और खराब प्रबंधन को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। देश-विदेश से आए डेलीगेट्स को लंबी कतारों, भीड़भाड़ और प्रवेश व्यवस्था में देरी का सामना करना पड़ा। कई प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा प्रबंधन कमजोर था, जिससे घंटों इंतजार करना पड़ा और कार्यक्रमों में समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया।
कुछ डेलीगेट्स ने समिट स्थल पर सामान चोरी होने की भी शिकायत की, जिससे आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। सोशल मीडिया पर प्रतिभागियों ने तस्वीरें और अनुभव साझा करते हुए कहा कि इतने बड़े वैश्विक AI इवेंट में अपेक्षित स्तर की व्यवस्था नहीं थी।
मामले के बढ़ने पर केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। उन्होंने स्वीकार किया कि भीड़ अपेक्षा से अधिक थी और व्यवस्थाओं में कमी रह गई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य के तकनीकी आयोजनों में लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और प्रवेश प्रबंधन को बेहतर किया जाएगा।
यह घटना भारत के उभरते AI इवेंट इकोसिस्टम के लिए एक सबक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेक सम्मेलनों में प्रतिभागी अनुभव, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना तकनीकी कंटेंट।









