
अमेरिकी सुरक्षा बलों ने समुद्री ड्रग-तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध तस्कर नौकाओं पर हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम 3 लोगों की मौत की खबर है। यह ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चलाए जा रहे एंटी-नार्कोटिक्स अभियान का हिस्सा बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध नावें भारी मात्रा में मादक पदार्थ ले जा रही थीं और रोकने के संकेतों की अनदेखी करने पर उन्हें निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 5 महीनों में ड्रग-तस्करी विरोधी समुद्री अभियानों के दौरान लगभग 150 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि लैटिन अमेरिका से उत्तरी अमेरिका की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों पर तस्करी लगातार बढ़ रही है, जिससे सैन्य और तटरक्षक बलों को सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है। इन अभियानों में निगरानी विमान, हेलीकॉप्टर और तेज गति वाले गश्ती जहाजों का उपयोग किया जाता है।
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि समुद्री ड्रग नेटवर्क न केवल अवैध व्यापार बल्कि संगठित अपराध और हिंसा को भी बढ़ावा देते हैं। इसी कारण United States Armed Forces और तटरक्षक एजेंसियां संयुक्त रूप से “काउंटर-नार्कोटिक्स” ऑपरेशन चला रही हैं। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने समुद्र में सैन्य बल प्रयोग और मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है और पारदर्शिता की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग-तस्करी के खिलाफ समुद्री अभियान आने वाले समय में और तेज हो सकते हैं, क्योंकि वैश्विक ड्रग बाजार और तस्करी नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहे हैं। अमेरिका और क्षेत्रीय देशों के बीच सुरक्षा सहयोग भी बढ़ाया जा रहा है ताकि समुद्री मार्गों पर निगरानी मजबूत की जा सके। यह घटना अंतरराष्ट्रीय ड्रग-युद्ध की गंभीरता और उससे जुड़ी मानवीय चुनौतियों को फिर उजागर करती है।









