
मध्यप्रदेश में नए वन बल प्रमुख (Head of Forest Force) की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलकों में विवाद की स्थिति बन गई है। राज्य सरकार ने 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी शुभरंजन सेन को प्रदेश का नया वन बल प्रमुख नियुक्त किया है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
शुभरंजन सेन वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के पद पर कार्यरत थे और अब उन्हें वन विभाग के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वरिष्ठता को लेकर उठे सवाल
इस नियुक्ति के बाद विभाग के भीतर वरिष्ठता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कुछ वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों की वरिष्ठता को इस नियुक्ति में नजरअंदाज किए जाने की बात सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि एच.यू. खान, विभाष ठाकुर, असित गोपाल और रेणु सिंह जैसे अधिकारियों के नाम भी वरिष्ठता सूची में ऊपर बताए जा रहे थे। इनमें से कुछ अधिकारी फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि अन्य को अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कानूनी विकल्पों पर विचार
सूत्रों के मुताबिक नियुक्ति से असंतुष्ट कुछ अधिकारियों के बीच कानूनी विकल्पों पर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि इस मामले को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी की ओर से औपचारिक याचिका दाखिल किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल
वन विभाग की इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के बाद प्रदेश के प्रशासनिक और नौकरशाही गलियारों में हलचल बढ़ गई है। यदि मामला अदालत तक पहुंचता है तो यह नियुक्ति आने वाले समय में बड़ा प्रशासनिक विवाद बन सकती है।







