
भोपाल। एक सरकारी संस्था में अध्यक्ष पद पर कार्यरत रिटायर्ड आईएएस अधिकारी इन दिनों सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं। विभिन्न मामलों में सक्रिय भूमिका और सरकार के निर्णयों को अदालत तक चुनौती देने के कारण उनकी गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं।
सूत्रों का कहना है कि सरकार लंबे समय से ऐसे वरिष्ठ अधिकारी की तलाश में थी जो इस प्रभावशाली रिटायर्ड आईएएस के सामने मजबूती से खड़ा हो सके। अब हाल ही में एक तेज-तर्रार और आक्रामक छवि वाले एसीएस स्तर के अधिकारी को उसी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके अधीन संबंधित संस्था आती है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि दोनों अधिकारियों के बीच आने वाले समय में सीधा टकराव देखने को मिल सकता है। दिलचस्प यह भी है कि जिस तरह रिटायर्ड आईएएस अपनी बेबाक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, उसी तरह नए एसीएस भी कड़े फैसलों और स्पष्ट रुख के लिए पहचान रखते हैं।
ऐसे में नौकरशाही के गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में यह मुकाबला प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे दिलचस्प घटनाक्रम साबित हो सकता है।







