
भोपाल। एक प्रमोटी आईपीएस अधिकारी के कार्यकाल से जुड़ा पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस घटनाक्रम के चलते प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली और छवि पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जब उक्त अधिकारी एक छोटे जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे, तब पड़ोसी राज्य के एक व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पड़ोसी राज्य की पुलिस ने मामले की जांच की।
जांच में कथित रूप से एनडीपीएस की कार्रवाई संदिग्ध पाई गई। इसके बाद अदालत ने मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।
इस घटनाक्रम ने प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं उस समय जिले की कमान संभालने वाले अधिकारी वर्तमान में एक बटालियन में कमांडेंट के पद पर पदस्थ बताए जा रहे हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हैं।







